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Tuesday, 25 April 2017

साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की पहचान, तलाश,एवं जप्त करने के लिये प्रक्रिया

 साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की पहचान, तलाश,एवं जप्त करने के लिये प्रक्रिया
  
साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की पहचान:-
साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के बारे में निम्न तथ्य जानना आवश्यक है-
1.    अधिकाश अपराधोँ में साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध होते है।
2.    सामान्य अपराध का घटना स्थल भी साईबर अपराध के घटना स्थल के समान होता है। विवेचक को दोनो प्रकार के अपराधों की विवेचना में पर्याप्त सावधानी एवं सतर्कता बरतना चाहिये।
3.    साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य फ्रेजाईल (आसानी से नष्ट होने वाले) होते है। यदि साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को सावधानी से जप्त नही किया गया अथवा सुरक्षित रखा गया तो गर्मी, ठंड अथमा मैग्नेटिक फील्ड के कारण साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नष्ट हो सकते है अथवा प्रभावित हो सकते है।
4.    साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को आसानी से बदला जा सकता है। जैसा कि, बंद कम्प्युटर को चालू किया जावें तो कम्प्युटर में संधारित डाटा में बदलाव आ सकता है।
5.    कभी भी यह नही मानना चाहिये कि साईबर/ ईलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पूर्ण रूप से नष्ट हो सकता है। विभिन्न प्रकार के फाॅरेन्सिक साॅफ्टवेयर की मदद से आंशिक रूप से नष्ट साईबर साक्ष्य से साक्ष्य प्राप्त किये जा सकते है।
6.    सेवा प्रदाताओं द्वारा निर्धारित अवधि के लिये ही विभिन्न प्रकार के लाॅग्स जैसे काॅल डिटेल रिकाॅर्ड, आईपी संबंधी जानकारी, ईमेल संबंधी जानकारी संधारित की जाती है।

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