इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर विधि मान्यता-
यह उपबंधित किया गया
हो कोई सूचना या कोई अन्य विषय उस पर हस्ताक्षर प्रमाणित किया जाए हस्ताक्षरित
किया जाए किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर होते हुए भी ऐसी अपेक्षा पूर्ण कर दी गई समझी जाएगी यदि ऐसी सूचना या
अन्य विषय ऐसी रीति
से जो केंद्रीय सरकार द्वारा विहित की
जाए, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर लगाकर अधिप्रमाणित किया गया हो |
स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों
के लिए, इसके
व्याकरणीय रूपभेदों और सजातीय पद के साथ
हस्ताक्षरित से, किसी व्यक्ति के संदर्भ में, अभिप्रेत है किसी
दस्तावेज पर अपनी हस्त लिखित हस्ताक्षर करना या कोई चिन्ह लगाना और हस्ताक्षर पद
का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा |
समीक्षात्मक टिप्पणी
अधिनियम की धारा 5 में इलेक्ट्रॉनिक
हस्ताक्षरों की विधिक मान्यता के बारे में उपबंध किया गया है जिसके अनुसार किसी भी
इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख जिस पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर होना आवश्यक है यदि ऐसा
दस्तावेज केंद्रीय सरकार द्वारा विहित तरीके के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक
हस्ताक्षरों / डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित किए जाते हैं तो वह भी सही एवं
विधिमान्य माने जाएंगे | इसी धारा में हस्ताक्षर शब्द को भी
स्पष्ट किया गया है जिसका आशय किसी व्यक्ति के हस्तलिखित हस्ताक्षर अथवा किसी
चिन्ह से है इसी के समकक्ष डिजिटल
हस्ताक्षर केवल विशिष्ट उपयोगकर्ता को ही प्रदान किया जाता है अथवा इलेक्ट्रॉनिक
हस्ताक्षरों किसी विशिष्ट व्यक्ति के “आधार की पहचान” से सम्बद्ध होते हैं | डिजिटल हस्ताक्षर
प्रदाय किए जाने के
पूर्व प्रमाणीकरण संस्था द्वारा केंद्रीय सरकार
द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशों का पालन किया जाता है तथा इलेक्ट्रॉनिक
हस्ताक्षरों की स्थिति में व्यक्ति के “आधार नंबर” व अंगुल चिन्ह की पहचान अथवा
सम्बद्ध मोबाईल में ओ |
अधिनियम
की धारा 3 क में डिजीटल हस्ताक्षर के अतिरिक्त इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर को भी
मान्यता प्रदान की गयी है | भारत सरकार द्वारा इस अधिनियम की धारा 3 क की उपधारा
(4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए “इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर या
इलेक्ट्रोनिक प्राधिकरण तकनीकी और प्रक्रिया नियम ,2015 बनाए है | इसके अनुसार
“आधार के वॉय सी” (know your customer) (अपने ग्राहक को जाने) वाली सेवाओं
का उपयोग करते हुये इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षरएल किये जा सकते हैं | इस प्रकार के
इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर , डीजीटल हस्ताक्षर के सामान विधि मानी होंगे | अतः
इलेक्ट्रोनिक अभिलेख को केंद्र सरकार द्वारा विहित रीति से “आधार नंबर” आधारित
इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर से भी हस्ताक्षर किया जा सकता है |
उदाहरण कि लिये आयकर
रिटर्न भरने के उपरांत आयकर दाता द्वारा आयकर रिटर्न हस्ताक्षर कर आयकर विभाग को
भेजा जाना चाहिये | ओनलाईन आयकर रिटर्न भरने के उपरांत आयकर दाता आयकर रिटर्न को
डिजीटल हस्ताक्षर/ इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर (“आधार नंबर आधारित”) से हस्ताक्षारित
कर सकता है | इस प्रकार के डिजीटल हस्ताक्षर/ इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर वाले आयकर
रिटर्न को सामान्य हस्ताक्षर वाले आयकर रिटर्न के समकक्ष माना जाता है |
भारत सरकार द्वारा
नागरिकों को डिजीटल लोकर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है | जिसमे उपयोगकर्ता
द्वारा स्वयं के दस्तावेजों को स्वयं के “आधार नंबर आधारित “ इलेक्ट्रोनिक
हस्ताक्षर से स्वप्रमाणित कर सकता है |
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