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“ एसीमेट्रिक क्रिप्टो सिस्टम/
असममित गुण प्रणाली” से, सुरक्षित कुंजी के युग की कोई प्रणाली अभिप्रेत है, जिसमें डिजिटल/ अंकीय हस्ताक्षर अर्जित करने के लिए एक निजी कुंजी
और डिजिटल/ अंकीय हस्ताक्षर को सत्यापित करने के लिए एक लोक कुंजी है|
समीक्षात्मक टिप्पणी
“ एसीमेट्रिक क्रिप्टो सिस्टम/
असममित गुण प्रणाली” वाले डिजिटल / इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर पद्धति में दो कुंजी (key) 1 “निजी कुंजी” यथा “प्रायवेट की” एवं सार्वजनिक कुंजी यथा “पब्लिक की” का
इस्तेमाल किया जाता है | निजी कुंजी
“प्राइवेट की“ गोपनीय पासवर्ड की तरह होती है | जिसकी जानकारी केवल डिजिटल
हस्ताक्षरकर्ता के पास होती है | जबकि सार्वजनिक कुंजी पब्लिक की सार्वजनिक होती
है | जिसे कंट्रोलिंग अथॉरिटी की वेबसाइट पर देखा जा सकता है |
जिस दस्तावेज़ संदेश पर डिजिटल हस्ताक्षर करना है |
सर्वप्रथम उस की हैश वैल्यू निर्मित की जाती है
| हैश वैल्यू किसी भी दस्तावेज की अद्वितीय पहचान है |
दस्तावेज़ की हैश वैल्यू को यूजर द्वारा स्वयं की “निजी
कुंजी”/” प्राइवेट की” का उपयोग कर एंक्रिप्ट किया जाता है |
निजी कुंजी/ “प्राइवेट की” से एंक्रिप्ट होने वाले दस्तावेज को केवल उसकी
जोड़ीदार सार्वजनिक पूंजी से ही डिक्रिप्ट किया जा सकता है |
दस्तावेज प्राप्त होने पर दस्तावेज प्राप्तकर्ता अपने
कंप्यूटर पर दस्तावेज की हैश वैल्यू निर्मित करता है और दस्तावेज के साथ आने वाली एंक्रिप्टेड वैल्यू
को भी प्रेषक की सार्वजनिक कुंजी से डिक्रिप्ट करता है | यदि दोनों हैश वैल्यू
समान होती है तो यह सुनिश्चित हो जाता है कि दस्तावेज सही व्यक्ति द्वारा भेजा
गया है | इसमें किसी प्रकार की जालशाजी नहीं हुई है |
उदाहरण :
मान लीजिए एक व्यक्ति प्रेषक दूसरे व्यक्ति प्राप्त
करता जो किसी दूसरे शहर में निवासरत है, को ईमेल के माध्यम से एक अनुबंध पत्र
भेजना चाहता है | वह बेशक इस बात का आश्वासन देना चाहता है कि अनुबंध पत्र सही
व्यक्ति द्वारा भेजा गया है | प्रेषण के दौरान इसमें कोई जालसाजी नहीं की गई है
और प्रेशक स्वयं अनुबंध पत्र में लिखी गई बातों से मुकरेगा नहीं | ऐसा करने के
लिए कृषक डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किस प्रकार करेगा ;-
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Tuesday, 25 April 2017
एसीमेट्रिक क्रिप्टो सिस्टम/ असममित गुण प्रणाली
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